Eyes speak the language of the heart, and nazar shayari 2 line is the best way to express silent emotions. Whether it’s about pehli nazar, nigahen, or naina, these short shayari lines hold deep feelings in just a few words.
In this post, we’ve shared the most heart touching lines and romantic shayari on qatil nazar that will surely connect with your soul. You’ll also find beautiful shayari on eyes and ankhein shayari in English to feel the magic of someone’s gaze.
Nazar shayari 2 line

Poem On nazar 1
वो कौन है जो झुकी नज़र से
सलाम करके चला गया है?
उसी नज़र से था काम सबको,
वो काम करके चला गया है।
इस महीने भी मैंने
सारी उदास रातें गुज़ारी हैं।
क़मर वो पहले का चाँद होगा,
जो शाम करके चला गया है।
वो कौन है जो झुकी नज़र से
सलाम करके चला गया है?
Poem On Nazar 2
चाहता हूँ कि नज़र नूर से मामूली सी भी न हो,
रौशनी हो मगर इतनी हो कि महसूस न हो।
कैसे खिल सके ये रहस्य है कि अगर भूचाल आए,
कमरे की छत से लटकता हुआ फ़ानूस न हो।
ज़िंदगी लंबी तो हो सकती है, लेकिन अनंत नहीं,
ख़ुदकुशी की भी सहूलत है, तो मायूस न हो।
तो दुआ कर कि मैं रोता रहूँ, सहारा न बनूँ,
ख़ाक और नमी का अनुपात कभी उल्टा न हो।
जिस्म का अमन कभी-कभी बर्बादी भी छुपाता है,
रूह दरअसल आसमानों की जासूस न हो।
कोई अजीब साया भी न छेड़े मेरी तन्हाई को,
ऐसा घर देख जो खाली तो हो, मगर मनहूस न हो।
अब ये ज़र्दी भी भुगतनी पड़ेगी तुझे कुछ दिन,
मैं कहता था ना, हर रंग में मत लिपट — हरा मत हो।
चाहता हूँ कि नज़र नूर से मामूली सी भी न हो,
रौशनी हो मगर इतनी हो कि महसूस न हो।
2 lines shayari on pehli Nazar

हर तरह के जज़्बात का ऐलान हैं आँखें,
कभी शबनम, कभी शोला, कभी तूफ़ान हैं आँखें।
आँखों से बड़ी कोई तराज़ू नहीं होती,
जिसमें इंसान को तौलता है, वो मीज़ान हैं आँखें।
आँखें ही मिलाती हैं ज़माने में दिलों को,
हम-तुम अंजान हैं अगर, तो अंजान हैं आँखें।
लब कुछ भी कहें, उससे हक़ीक़त नहीं खुलती,
इंसान के सच-झूठ की पहचान हैं आँखें।
nazar shayari 2 line
तेरी आँखें किसी ग़ैर के आगे ना झुकीं,
दुनिया में सबसे बड़ी चीज़ मेरी जान हैं आँखें।
मैंने तेरी आँखों को अपना बना लिया है,
अब मेरा हसीनाओं से कोई वास्ता नहीं।
अब किसी और की तरफ़ नज़र नहीं उठती,
किसी की नज़र ने मुझे बंधन में बाँध दिया है।
तेरा महकता हुआ जिस्म किसी गुलाब जैसा है,
नींद के सफर में तू एक ख़्वाब जैसा है।
बिना पूछे ही सुलझ जाती हैं सवालों की गुत्थियाँ,
कुछ आँखें इतनी हाज़िर-जवाब होती हैं।
क्या कहें, क्या-क्या किया तेरी निगाहों ने सुलूक,
दिल में आईं, दिल में ठहरीं, दिल में पैल्काँ हो गईं।
जाने क्यों डूब जाता हूँ हर बार उन्हें देख कर,
एक दरिया हैं या पूरा समुंदर हैं तेरी आँखें।
nazar shayari 2 line
निगाहों से क़त्ल कर दे, ना हो तकलीफ़ दोनों को,
तुझे ख़ंजर उठाने की, मुझे गर्दन झुकाने की।
Nazar 2 line shayari

बहुत बेबाक आँखों में रिश्ता टिक नहीं पाता,
मोहब्बत में कशिश रखने को शर्माना ज़रूरी है।
सुबह तो हो गई, पर ये अभी आँख भारी है,
कोई ख़्वाब नशे सा अब तक आँखों में है।
जाती है इस झील की गहराई कहाँ तक,
तेरी आँखों में डूब कर देखेंगे किसी रोज़।
अब तक मेरी यादों से मिटाए नहीं मिटता,
भीगी हुई एक शाम का मंज़र — तेरी आँखें।
फिर न कीजिए मेरी गुस्ताख निगाहों की शिकायत,
देखिए, आपने ही फिर प्यार से देखा मुझको।
निगाह-ए-लुत्फ़ से एक बार मुझे देख लेते हैं,
मुझे बेचैन करना जब उन्हें मंज़ूर होता है।
मस्त आँखों पर घनी पलकों की छाया कुछ यूँ थी,
जैसे मयख़ाने पर घनघोर घटा छा गई हो।
अदा निगाहों से होता है फ़र्ज़-ए-गुफ़्तगू,
जब ज़बान की हद से शौक़-ए-बयान गुज़रता है।
लोग जिन्हें नील कमल कहते हैं, वो तो क़तील हैं,
रात में उन झील-सी आँखों में खिला करते हैं।
nazar shayari 2 line
कभी बैठाकर सामने पूछेंगे तेरी आँखों से,
किसने सिखाया है उन्हें हर दिल में उतर जाना?
रात बड़ी मुश्किल से खुद को सुलाया है मैंने,
अपनी आँखों को तेरे ख़्वाब का लालच देकर।
Nazar Par Shayari

कोई दीवाना दौड़ के लिपट न जाए कहीं,
आँखों में आँखें डाल कर देखा न कीजिए।
जो उनकी आँखों से बयां होते हैं,
वो लफ़्ज़ शायरी में कहाँ होते हैं।
मुझसे कहती थीं वो शराब आँखें,
“आप वो ज़हर मत पियो” कहती थीं।
पैगाम लिया है कभी, पैगाम दिया है,
आँखों ने मोहब्बत में बड़ा काम किया है।
जीना मुश्किल कर रखा है मेरी इन आँखों ने,
खुली हो तो तलाश, बंद हो तो ख्वाब तेरे।
nazar shayari 2 line
क्या कशिश थी उसकी आँखों में, मत पूछो,
मुझसे मेरा दिल लड़ पड़ा, मुझे यही चाहिए।
ये आँखें हैं जो तेरी किसी ग़ज़ल की तरह खूबसूरत हैं,
कोई पढ़ ले इन्हें एक बार तो शायर हो जाए।
ये अदाएं, ये मुस्कुराहट, ये मस्त निगाहें आपकी,
नक़ाब ओढ़ लीजिए, कहीं हम उजड़ न जाएं।
उसकी क़ुदरत देखता हूँ तेरी आँखें देखकर,
दो प्यालों में भरी है कैसे लाखों मन शराब।
चलो अच्छा हुआ कि अब धुंध पड़ने लगी,
दूर तक ताकती थीं निगाहें तुझे ऐ सनम।
होता है राज-ए-इश्क़ और मोहब्बत इन्हीं से फ़ाश,
आँखें ज़बान नहीं हैं मगर बेज़ुबान नहीं।
क्या कशिश थी उसकी आँखों में, मत पूछो,
मुझसे मेरा दिल लड़ पड़ा, मुझे यही चाहिए।
सिर्फ आँखों को देखकर कर ली उनसे मोहब्बत,
छोड़ दिया अपने मुक़द्दर को उसके नक़ाब के पीछे।
नज़र ख़ामोश, ज़बान चुप, सदा-ए-दिल महरूम,
किसी का ज़िक्र न निकला, तुम्हारी बात के बाद।
Nigahen shayari
आ गया है फ़र्क़ तुम्हारी नज़रों में यक़ीनन,
अब एक खास अंदाज़ से नजरअंदाज़ करते हो।
सुकून की तलाश में तुम्हारी आँखों में झाँका था हमने,
किसे पता था कमबख़्त दिल का दर्द भी मिल जाएगा।
इश्क़ के फूल खिलते हैं तेरी खूबसूरत आँखों में,
जहाँ देखे तू एक नज़र वहाँ खुशबू बिखर जाए।
कुछ नहीं कहती निगाहें मगर,
बात पहुँची है कहाँ से कहाँ।
nazar shayari 2 line
उतर चुकी है मेरी रूह में किसी की निगाह,
तरप रही है मेरी ज़िंदगी किसी के लिए।
वो नज़र उठ गई जब सरे मयकदा,
खुदबखुद जाम से जाम टकरा गए।
शामिल है उसमें तेरी नज़र के सरूर भी,
पीने न दूंगा गैर को मैं अपने जाम से।
मिली जब भी नज़र उनसे, धड़कता है हमारा दिल,
पकारे वो उधर हमें, उधर दम क्यों निकलता है।
सिर्फ लफ़्ज़ों को न सुनो, कभी आँखें भी पढ़ो,
कुछ सवाल बड़े खुददार हुआ करते हैं।
अदा निगाहों से होता है फ़र्ज़-ए-गुफ़्तगू,
जब ज़बान की हद से शौक़-ए-बयां गुज़रता है।
शाखें गुल झूम के गुलज़ार में सीधे जो हुईं,
आ गया आँखों में नक़्शा तेरी अंगड़ाई का।
तेरी आँखों से ही खिलते हैं सवेर के अफ़क़,
तेरी आँखों से बंद होती है ये सीप की रात।
ये मुस्कराती हुई आँखें जिनमें नाचती है बहार,
शफ़क़ की, गुल की, बिजली की शरारत लिए हुए।
Naina shayari
तुम्हारी आँखों का अपमान है,
ज़रा सोचो… तुम्हें चाहने वाला शराब पीता है।
मेरी आँखों से नींदें छीन कर,
उसने मुझे सुकून की दुआ दी है।
लंबा क़द, गुलाब सा चेहरा, नशीली आँखों में रौशनी रखो,
तेरी अदाओं पर न मर जाएं हम, ऐ खुदा की बंदी, ज़रा ख़्याल रखना।
दीवाना कर दिया उसने बस एक बार देखकर,
हम कुछ भी न कर सके, उसे बार-बार देखकर।
तेरी आँखों पर शेर लिखने के लिए,
कई ग़ज़लों की जान ले ली मैंने।
अगर हम तेरे चेहरे की तस्वीर बनाना शुरू कर दें,
तो सिर्फ़ तेरी आँखों पर ही एक ज़माना लग जाए।
नज़र ने नज़र को भरकर देखा,
और नज़र को नज़र की नज़र लग गई।
कुछ याद करके आँख से आँसू निकल पड़े,
मुद्दतों बाद जब हम उसकी गली से गुज़रे।
nazar shayari 2 line
एक हसीं आँख के इशारे पर,
काफ़िले रास्ता भूल जाते हैं।
अगर ये आँखें राहज़न नहीं हैं,
तो फिर क्या हैं? ये दिल का काफ़िला लूट लेती हैं।
उसकी आँखें सवाल करती हैं,
और मेरी हिम्मत जवाब दे जाती है।
जो उसकी आँखों से बयां होते हैं,
वो लफ़्ज़ शायरी में कहाँ होते हैं।
हमने बहुत गौर से देखा है,
तेरे चेहरे पर तेरी आँखें कमाल करती हैं।
तेरे हुस्न की तस्वीर खींच दूँ,
पर जुबां में आँख नहीं और आँख में ज़ुबां नहीं।
Shayari On eyes
कभी नज़र में ग़ज़ब की शरारत,
कभी पूरा चेहरा हिजाब बन जाए,
कभी छुपा लेती हैं दिल के राज़,
कभी दिल की किताब बन जाती हैं ये आँखें।
ख़ुदा भी बचा नहीं सकता तेरी मदहोश आँखों से,
अगर कोई फ़रिश्ता बहक सकता है तो इंसान क्या चीज़ है।
जो धोखे उन मासूम आँखों ने दिए थे,
उन्हें आज तक मैं भुगत रहा हूँ।
आँखें जो उठाए तो मोहब्बत का गुमान हो,
नज़र को झुकाए तो शिकायत सी लगे।
जैसे कोई पैमाना कह रहा हो कि ये दुनिया कोई मैख़ाना है,
तेरी आँखों को भी न जाने क्या-क्या कहा जाता है।
nazar shayari 2 line
आँखें दिखाते हो तो बन के दिखाओ साहब,
जो अच्छा माल था, वो हमने अलग बाँध रखा है।
इस क़दर रोया हूँ तेरी याद में,
कि आईने भी मेरी आँखों में धुंधला गए हैं।
Ankhein Shayari In english
झील अच्छी है, कमल अच्छा है या जाम अच्छा है,
तेरी आँखों के लिए कौन-सा नाम अच्छा है?
कोई नशे में डूबा है, कोई जी रहा है, कोई मर रहा है,
क्या तीर चलाती है तेरी आँखों की कमान!
ये सोच कर नज़रें मिलाता ही नहीं,
कि कहीं ये आँखें जज़्बात का इज़हार न कर दें।
कुछ तुम्हारी निगाहें भी काफ़िर थीं,
और कुछ मुझे भी बर्बाद होना था।
शरमा कर झुक गई हैं हमारी नज़रें,
कहा तो था, इतने क़रीब मत आओ।
आग सूरज में होती है, जलना ज़मीन को पड़ता है,
मोहब्बत आँखें करती हैं, और तड़पना दिल को पड़ता है।
तुम्हारी निगाहें बहुत कुछ कहती हैं,
ज़रा अपनी आँखों पर पलकों के परदे गिरा दो।
सौ बार मरना चाहा इन निगाहों में डूबकर ‘फ़राज़’,
मगर वो नज़रें झुका लेते हैं — हमें मरने नहीं देते।
अदा नज़रों से ही होती है, यही है बोलने का फ़र्ज़,
जब बयाँ की चाह जुबां की हदें पार कर जाए।
nazar shayari 2 line
कभी जो तुम्हारी नज़र हमारी तरफ़ उठे,
तो नज़रअंदाज़ ही कर देना… हम तो जी भर के देख लेंगे।
शोर न कर धड़कन, ज़रा थम जा कुछ पल के लिए,
बड़ी मुश्किल से मेरी आँखों में उसका ख़्वाब आया है।
Beautiful shayari On Eyes
साक़ी, देखो ज़माने ने कैसी तोहमत लगाई है,
तेरी आँखें नशीली हैं… और शराबी मुझे कहते हैं।
चख ली मैंने दुनिया भर की शराब,
पर जो नशा तेरी आँखों में था, वो कहीं और नहीं मिला।
क्या खींचाव था उसकी आँखों में, मत पूछो,
मेरा ही दिल मुझसे लड़ पड़ा — और मुझे वही चाहिए था।
जब-जब पीते हुए तेरी आँखों का ख्याल आया,
मैंने अपने हाथों से तोड़े हैं कई पैमाने।
तेरी नज़र थी साक़ी या कोई मैख़ाना था,
मैं किस फ़राक़ में शराब से शर्मिंदा हो गया।
सुकून की तलाश में तेरी आँखों में झाँका था हमने,
कौन जानता था कि कमबख़्त — दिल का दर्द और बढ़ जाएगा।
अब हमसे पर्दादारी की कोई उम्मीद मत करना,
कुछ तलाशें ऐसी हैं जो नज़र तक को झुकने नहीं देतीं।
नक़ाब तो था उसके सिर से लेकर पाँव तक,
मगर आँखें बता रही थीं — मोहब्बत की दीवानी वो भी थी।
Romantic shayari on Qatil Nazar
निगाह-ए-लुत्फ़ से बस एक बार जब वो देख लेते हैं,
मुझे बेचैन करना ही जब उन्हें मंज़ूर होता है।
तेरी आँखों में देर तक कोई अक्स नहीं ठहरता,
तू कैसा है नहीं पता… मगर तुझसे मिलकर मैं वैसा नहीं रहता।
मेरे होंठों ने हर बात छुपाकर रखी थी,
मगर मेरी आँखों को ये हुनर कभी आया ही नहीं।
ये आँखें जैसे बिना सलाख़ों के क़ैदख़ाने हैं,
कुछ ऐसे मशहूर हैं चर्चे तुम्हारी निगाहों के।
nazar shayari 2 line
यूं ही बीत जाती है शाम महफ़िल में,
कुछ तेरी आँखों के बहाने… कुछ तेरी बातों के बहाने।
मैं इतना ख़ुदगर्ज़ हूँ कि बस यही चाहता हूँ,
हमेशा मेरी राह तकती रहें — तेरी आँखें।
कभी किसी की तरफ न देखो आँखें भरकर,
तुम्हें खबर नहीं, कितनों की नज़रों में बस चुके हो।
इश्क़ और मोहब्बत के सारे राज़ इन्हीं से फाश होते हैं,
आँखें ज़ुबान नहीं हैं… मगर बेज़ुबान भी नहीं हैं।
Nazar Shayari 2 lines In English
मुझसे कहा करती थीं वो शराबी आँखें —
“आप वो ज़हर मत पीजिए…”
.
जो लफ़्ज़ मैंने शायरी में लिखे थे, वो सब झूठे लगते थे,
असल शायरी तो तुम्हारी उन आँखों की जुबां में छुपी थी।
तू ख़ुद नहीं वाकिफ़ है अपनी आँखों के जादू से,
ये जीना सिखा देती हैं उसे भी — जिसे मरने का शौक हो।
मैं जिन सवालों का जवाब उम्रभर न दे सका,
वो एक नज़र में हज़ारों सवाल कर गए।
nazar shayari 2 line
बहुत हसीन हैं ये तुम्हारी आँखें,
इन्हें बना दो हमारी तक़दीर।
हमें नहीं चाहिए ज़माने की खुशियाँ,
अगर मिल जाए मोहब्बत तुम्हारी।
जब से झाँका है तेरी आँखों में,
कोई आईना अच्छा नहीं लगता।
तेरे इश्क़ में हम ऐसे दीवाने हुए,
कि अब कोई और तुझे देखे — तो अच्छा नहीं लगता।
उस घड़ी ज़रा देखो उनका आलम,
जब नींद से बोझिल हों आँखें।
कौन समा सकता है मेरी नज़र में?
मैंने देखी हैं बस तुम्हारी ही आँखें।
तुमसे कहा था — ये मसले
नज़र मिलाने से हल हो जाएँगे।
अगर बात नज़र की है,
तो फिर इन होंठों को ख़ामोश ही रहने दो।
Best Nazar Shayari 2 Lines For Her
कहाँ तक जाती है इस झील की गहराई —
तेरी आँखों में डूबकर किसी रोज़ देखेंगे।
निगाहों से ही क़त्ल कर दो — न हो तकलीफ़ दोनों को,
ना तुझे ख़ंजर उठाना पड़े… ना मुझे गर्दन झुकानी पड़े।
न जाने क्यों हर बार डूब जाता हूँ उन्हें देखकर,
ये दरिया हैं या पूरा समंदर — तेरी आँखें!
बिना पूछे ही सुलझ जाती हैं सवालों की उलझनें,
कुछ आँखें इतनी हाज़िरजवाब होती हैं।
nazar shayari 2 line
जब भी देखूँ उसे, वो नज़रें चुरा लेती है,
मैंने तो काग़ज़ पर भी उसकी आँखें बनाकर देखीं हैं।
उसकी क़ुदरत देखता हूँ — तेरी आँखें देखकर,
दो प्यालों में कैसे भर दी — लाखों मन शराब!
Ankhon Ke tareef shayari In English
कभी सामने बिठाकर पूछेंगे तेरी आँखों से —
किसने सिखाया है इन्हें हर दिल में उतर जाना?
मुझ पर इस जहान के कई राज़ खुलते हैं,
जब मैं झाँकता हूँ उसकी हसीन आँखों में।
इतने सवाल थे जो मेरी उम्र में भी न समा पाए,
और जितने जवाब थे — तेरी एक नज़र में आ गए।
मैं बाज़ारों से चेहरा छुपा कर गुज़र रही थी,
मगर मेरी आँखों ने ही मुझे बेनक़ाब कर दिया।
तेरी आँखें आज भी गुमराह कर देती हैं,
जब ज़बरदस्ती तुझे बेवफ़ा कह कर कोसना चाहता हूँ।
क्या पूछते हो शौख़ निगाहों का फ़साना?
दो तीर थे — जो मेरे जिगर में उतर गए।
हम अपनी आँखों को भुला सकते हैं,
मगर उनकी आँखों को कभी नहीं।
कुछ शिक़ायतें हैं सिर्फ़ उनकी आँखों से,
वरना मैं इस दुनिया में इतना पागल न होता।
इश्क़ के फूल खिलते हैं तेरी हसीन आँखों में,
जहाँ भी देख ले — वहाँ ख़ुशबू बिखर जाए।
तेरी आँखों की गहराई में खोते जा रहे हैं,
अब हम — तुम्हारे होते जा रहे हैं।
अदालत में झूठ हर बार पकड़ा जाता,
अगर गवाही ज़ुबान के बदले आँखें देतीं।
जब उसने मुस्कराकर देखा — तो सीने में चुभ गया,
तेरी आँखें जनाब, खंजर से भी तेज़ लगती हैं।
ये कायनात सुराही थी — और जाम थीं तेरी आँखें,
रिश्तों का पहला रिश्ता — आँखों का ही पैगाम था।
ये कैसा नशा है — कि तेरी आँखों में बसे हैं हम,
और हर पल ये निगाहें बस तुझी को ढूंढती हैं।
एक बार ग़लती से देख लिया था तेरी आँखों को,
तब से अब तक होश में नहीं हूँ।
Shayari For Beautiful eyes
मैं किसी की आँखों पर मर गया,
मुझे तो सरहद पर मरना था।
अल्लाह करे तुम आँखें दिखाओ उसे कभी,
जिस शख्स को खुमार का मतलब ही नहीं पता।
तेरी आँखों की सहूलत हो मयस्सर जिसको,
वो भला चाँद सितारों को कहाँ देखेगा।
रुख़्सार का तो अभी पता नहीं, आँखें खूब हैं,
दीदार अभी नक़ाब से आगे नहीं बढ़ा।
कुछ भी हो, मैं तो इल्ज़ाम तुम्हीं को दूँगा,
तुम मासूम बहुत हो, मगर तौबा तुम्हारी आँखें!
तुम्हारी आँख से टपके तो मौजज़ था,
हमारी आँख से बहता रहा बस पानी।
मुरशिद! आँखों पर ध्यान दोगे,
तो बात अधूरी रह जाएगी।
ग़ज़ब का खुमार लिए फिरते हैं हम आँखों में,
जो भी नज़रें मिलाएगा, मरा जाएगा।
लाखों हसीन सामने आएँ तो भी क्या,
आँखों को दे दिया है तुम्हें देखने के बाद।
वो मेरे शहर से निकलेगा तो मिट जाएगा,
मैंने तावीज़-ए-इश्क़ निगाहों से पिलाया है उसे।
हम अगर तेरे ख़ाक-ओ-ख़ाल बनाने लग जाएँ,
सिर्फ़ आँखों पर ही ज़माने लग जाएँ।
हसरतों की तर्जुमान होती हैं,
आँखें दिल की ज़ुबान होती हैं।
