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Sharab Shayari​ In Hindi 2 Lines – Best शराब शायरी

Sharab Shayari​ is a powerful way to express emotions like pain, love, loneliness, and healing through simple yet meaningful words. Many people connect deeply with Sharab Shayari​ because it reflects real-life feelings that are often hard to express openly. Whether it is two-line poetry, emotional lines, or heart-touching thoughts, Sharab Shayari​ brings together emotions and experiences in a very relatable manner. From dard bhari lines to romantic and healing words, Sharab Shayari​ has become a popular choice for readers who enjoy soulful Hindi poetry and want to share their feelings in a poetic way.

Sharab Shayari​ In Hindi 2 Lines

Sharab Shayari​ In Hindi 2 Lines

नशा इतना भी नहीं था शराब का,
बस ग़म ने हर घूँट को ज़रूरी बना दिया।

कभी जाम उठाया तो खुद से बात हो गई,
खामोशी में भी कितनी आवाज़ें थीं।

आज पीकर भी सुकून अधूरा सा लगा,
शायद दर्द ने हद से ज़्यादा पी लिया।

हर घूँट के साथ एक याद उतर आई,
शराब ने दिल का बोझ हल्का कर दिया।

वो जो होठों तक कभी आ न सके,
शराब ने उनका नाम ज़ुबां पर ला दिया।

इस तरह आदत नहीं थी हमें पीने की,
मगर हालातों ने गिलास थमा दिया।

कुछ रातें सिर्फ जाम के नाम रहीं,
नींद आई तो भी आँखें भीगी रहीं।

कितनी अजीब दोस्ती है शराब से,
साथ बैठती है मगर छोड़ नहीं जाती।

एक घूँट में ही टूट सा गया इंसान,
जो खुद को बहुत मजबूत समझता था।

जब ज़िंदगी ने सवाल पूछे लगातार,
शराब ने हर जवाब खामोशी में दे दिया।

रात गहरी हुई तो जाम भरा गया,
दर्द भी शायद आज पूरा पिया गया।

कहीं सुकून ढूँढा था इस बोतल में,
मगर यहाँ भी सिर्फ यादें मिलीं।

दर्द इतना था कि जाम छोटा पड़ गया,
और हम हर रात थोड़ा और टूट गए।

आदत नहीं थी हमें यूँ बिखरने की,
शराब ने बस सच से मिलवा दिया।

Shayari On Sharab

Shayari On Sharab

नशे की तलाश में बोतल तक आ गए,
वरना हमें तो खुद पर पूरा भरोसा था।

कभी दर्द ने मजबूर किया जाम उठाने को,
वरना शौक़ तो हमें भी नहीं था पीने का।

आज शराब से थोड़ी सी बात हो गई,
उसने भी कहा, तुझे ग़म ने हराया है।

हर घूँट में एक कहानी छुपी मिली,
शराब भी आजकल बहुत कुछ जानती है।

वो जो कह नहीं पाए किसी से कभी,
शराब के सामने सब बयां हो गया।

इस शहर में पीने वाले बदनाम बहुत हैं,
पर दर्द समझने वाला कोई नहीं।

कुछ रातें ऐसी भी गुज़री हैं यहाँ,
जहाँ जाम से ज़्यादा यादें भारी थीं।

कितना आसान होता अगर भूलना भी सीख जाते,
शराब तो बस यादों को और गहरा करती है।

एक बोतल ने हमें इतना सिखा दिया,
कि तन्हाई भी अब डरावनी नहीं लगती।

जब ज़िंदगी ने सख़्त सवाल पूछे,
शराब ने चुप रहना सिखा दिया।

रात के सन्नाटे में जाम खनक उठा,
शायद दर्द को भी साथी मिल गया।

कहीं दिल को बहलाने की कोशिश की,
शराब ने बस सच दिखा दिया।

दर्द इतना था कि छलक गया गिलास,
और लोग समझे हम ज़्यादा पी गए।

आदत नहीं थी हमें यूँ टूटने की,
बस हालातों ने शराब से दोस्ती करा दी।

Best Sharab Par Shayari

Best Sharab Par Shayari

नशा शराब का नहीं, दर्द का ज़्यादा है,
वरना पीने का हमें भी कोई शौक़ नहीं था।

कभी जाम उठा लिया खुद को समझाने को,
कभी उसी जाम ने हमें और उलझा दिया।

आज बोतल से नहीं, खुद से मुलाक़ात हुई,
अकेलेपन ने आईना दिखा दिया।

हर घूँट के साथ थोड़ा टूटते गए,
शराब ने सच को बहुत आसान बना दिया।

वो नाम जो लबों तक आ न सका,
शराब ने हर बार ज़ुबां पर ला दिया।

इस कदर असर हुआ है तन्हाइयों का,
अब जाम भी अपना सा लगने लगा।

कुछ रातें बस यूँ ही गुज़र गईं,
जाम भरा था मगर दिल खाली था।

कितनी अजीब है ये शराब की दोस्ती,
साथ तो रहती है, सुकून नहीं देती।

एक गिलास में सिमट गई पूरी कहानी,
जो किसी को कभी सुनाई नहीं।

जब ज़िंदगी ने सब कुछ छीन लिया,
शराब ने कम से कम साथ निभाया।

रात ढलती गई और जाम भरता गया,
दर्द शायद आज पूरा उतर गया।

कहीं राहत ढूँढने निकले थे इसमें,
मगर हर घूँट में यादें ही मिलीं।

दर्द इतना था कि छलक पड़ा गिलास,
और लोग समझे हम हद से ज़्यादा पी गए।

आदत नहीं थी हमें यूँ बिखरने की,
शराब ने बस हालात बयान कर दिए।

Heart Healing Sharab Ki Shayari – Sharab Shayari​

Heart Healing Sharab Ki Shayari - Sharab Shayari​

नशा शराब का नहीं, सुकून का था,
जो टूटे दिल को थोड़ी राहत दे गया।

कभी जाम ने चुपचाप सुना मेरा दर्द,
बिना सवाल किए, बस साथ दे गया।

आज दिल ने पहली बार सांस ली खुलकर,
शराब ने बोझ थोड़ा हल्का कर दिया।

हर घूँट में एक मरहम सा लगा,
दर्द वही था, पर चुभन कम हो गई।

वो जख़्म जो शब्दों में नहीं ढल सके,
शराब ने खामोशी से भर दिए।

इस तरह टूटे थे कि रो भी न सके,
जाम ने बस बैठकर संभाल लिया।

कुछ रातें ऐसी भी आईं ज़िंदगी में,
जहाँ शराब ने दोस्त बनकर थाम लिया।

कितना सुकून मिला खुद से मिलने में,
जब जाम हाथ में और दिल हल्का था।

एक पल को लगा सब ठीक हो जाएगा,
शराब ने उम्मीद का एहसास दे दिया।

जब दिल बहुत ज़्यादा थक गया था,
जाम ने आराम से सुला दिया।

रात की खामोशी और भरा हुआ गिलास,
दिल को समझाने के लिए काफी था।

कहीं तो दर्द को भी ठहरना पड़ा,
शराब ने उसे भी चुप करा दिया।

दर्द वही रहा, मगर असर कम हुआ,
शराब ने सहने की ताक़त दे दी।

आदत नहीं थी यूँ खुद को संभालने की,
शराब ने बस थोड़ा जीना सिखा दिया।

Daru Shayari In Hindi

Daru Shayari In Hindi

नशा दारू का नहीं, हालातों का ज़्यादा है,
वरना यूँ बोतल से दोस्ती किसे करनी थी।

कभी गिलास उठाया खुद को भूलने के लिए,
पर हर घूँट में खुद से सामना हो गया।

आज दारू ने इतना तो सिखा दिया,
दर्द को चुपचाप कैसे सहा जाता है।

हर रात यही सोचकर पी लेते हैं,
शायद कल दिल थोड़ा बेहतर लगे।

वो ग़म जो किसी से कह न सके,
दारू के आगे सब बयां हो गया।

इस शहर में पीने वाले बहुत हैं,
पर टूटे दिल को समझने वाला कोई नहीं।

कुछ जाम ऐसे भी थे ज़िंदगी में,
जो होंठों से पहले आँखों से छलके।

कितनी अजीब सी राहत मिलती है,
जब दारू कोई सवाल नहीं पूछती।

एक बोतल ने ये एहसास दिला दिया,
तन्हाई भी कभी-कभी सुकून देती है।

जब सबने कहा “संभल जाओ”,
दारू ने कहा “बैठो, पहले जी लो।”

रात के सन्नाटे में गिलास खनका,
शायद दिल को कोई सुनने वाला मिल गया।

कहीं तो दर्द को रुकना ही पड़ा,
दारू ने उसे भी थका दिया।

दर्द कम नहीं हुआ, पर सहने लायक हुआ,
दारू ने बस इतना ही काम किया।

आदत नहीं थी हमें यूँ पीने की,
मगर ज़िंदगी ने गिलास थमा दिया।

Drink Shayari In Hindi

नशा ड्रिंक का नहीं, तन्हाई का ज़्यादा है,
वरना यूँ जाम से बातें कौन करता है।

कभी हाथ में गिलास आया सुकून ढूँढने,
पर हर घूँट में यादें और गहरी हो गईं।

आज पीकर इतना समझ में आ गया,
दर्द को आवाज़ नहीं, खामोशी चाहिए।

हर शाम यही सोचकर जाम भर लेते हैं,
शायद आज दिल थोड़ा हल्का हो जाए।

वो बातें जो किसी से कह न सके,
ड्रिंक के सामने खुद-ब-खुद निकल आईं।

इस भीड़ भरी दुनिया में अजीब सुकून है,
जब गिलास सामने हो और कोई सवाल न हो।

कुछ रातें बस यूँ ही गुजर गईं,
ड्रिंक हाथ में थी और दिल कहीं और।

कितनी अजीब सी दोस्ती हो गई है इससे,
दुख में पास रहती है, खुशी नहीं पूछती।

एक घूँट ने पूरा दिन सुना दिया,
ड्रिंक भी आज बड़ी ध्यान से सुन रही थी।

जब सबने मजबूत बनने को कहा,
ड्रिंक ने कहा, थोड़ा कमजोर भी चल जाएगा।

रात के सन्नाटे में गिलास बोला,
जो दिल कह न सका, वो आज छलक गया।

कहीं न कहीं तो रुकना था दर्द को,
ड्रिंक ने बस थोड़ी देर का ठहराव दिया।

दर्द कम नहीं हुआ, मगर सहने लायक बना,
ड्रिंक ने इतना एहसान ज़रूर किया।

आदत नहीं थी यूँ जाम उठाने की,
मगर ज़िंदगी ने मजबूर कर दिया।

Dard Bhari Sharab Shayari​

नशा शराब का नहीं, टूटे हुए दिल का है,
वरना यूँ हर रात खुद को क्यों भुलाते।

कभी जाम उठाया था हँसने के लिए,
आज उसी में आँसू मिलाकर पीते हैं।

आज दर्द ने हद पार कर दी,
तो शराब ने चुप रहने का हुनर सिखा दिया।

हर घूँट में एक अधूरी कहानी मिली,
शायद हम ही थे जो पूरे नहीं हो सके।

वो जो वादे करके चले गए,
शराब ने उनकी यादें ज़िंदा रखीं।

इस तरह बिखरे हैं हालातों में हम,
कि बोतल भी अब सहारा लगती है।

कुछ ज़ख़्म ऐसे होते हैं,
जो शराब से भी नहीं भरते।

कितनी अजीब सज़ा मिली मोहब्बत की,
जीते-जी शराबी कहलाने लगे।

एक रात और पी ली दर्द के नाम,
सुबह फिर वही तन्हाई इंतज़ार में थी।

जब सबने कहा भूल जाओ उसे,
शराब ने कहा याद करने दे।

रात गहरी होती गई और जाम भरता गया,
दर्द शायद आज भी अधूरा रह गया।

कहीं तो टूटना था हमें,
ज़िंदगी ने वो जगह चुन ली।

दर्द इतना बढ़ गया कि छलक पड़ा,
लोगों ने समझा हम ज़्यादा पी गए।

आदत नहीं थी यूँ खुद को मिटाने की,
मगर दर्द ने शराब से मिला दिया।

हिंदी में शराब शायरी 2 पंक्तियाँ

नशा शराब का नहीं, तन्हाई का ज़्यादा है,
वरना यूँ हर शाम जाम उठाना किसे अच्छा लगता।

कभी दर्द ने मजबूर किया बोतल तक आने को,
वरना हमें भी होश में रहना पसंद था।

आज जाम से थोड़ी सी बात हो गई,
उसने भी माना, ग़म बहुत गहरे हैं।

हर घूँट के साथ एक याद उतर आई,
शराब ने फिर दिल भारी कर दिया।

वो नाम जो ज़ुबां पर नहीं आया कभी,
शराब ने हर बार याद दिला दिया।

इस कदर टूट चुके हैं हालातों में हम,
अब बोतल भी हमदर्द सी लगती है।

कुछ रातें सिर्फ शराब के नाम रहीं,
नींद आई तो भी आँखें जागती रहीं।

कितनी अजीब सी राहत मिलती है,
जब शराब सवाल नहीं पूछती।

एक गिलास में सिमट गई पूरी कहानी,
जो किसी को कभी सुनाई नहीं।

जब सबने कहा संभल जाओ,
शराब ने कहा बैठो, पहले रो लो।

रात के सन्नाटे में जाम खनक उठा,
शायद दर्द को भी आवाज़ मिल गई।

कहीं तो ठहरना पड़ा यादों को,
शराब ने थोड़ी देर रोक लिया।

दर्द कम नहीं हुआ, बस सहने लायक बना,
शराब ने इतना काम ज़रूर किया।

आदत नहीं थी हमें यूँ पीने की,
मगर ज़िंदगी ने गिलास थमा दिया।

Sharab Par Likhi Hui Shayari Hindi

नशा शराब का नहीं, यादों का ज़्यादा निकला,
हर घूँट में कोई अपना सा उतर आया।

कभी जाम को होंठों से लगाया तो लगा,
दर्द भी अब बोलने लगा है।

आज बोतल ने आईना दिखा दिया,
हम जितना मजबूत दिखते थे, उतने थे नहीं।

हर शाम यही सोचकर पी लेते हैं,
शायद रात दिल को थोड़ा सुला दे।

वो ख़ामोशियाँ जो किसी ने नहीं सुनीं,
शराब ने उन्हें भी महसूस किया।

इस तरह साथ निभाया है जाम ने,
कि तन्हाई भी अब डराती नहीं।

कुछ रिश्ते जाम से भी कड़वे निकले,
और शराब फिर भी सच्ची लगी।

कितनी अजीब राहत मिलती है,
जब शराब कोई सवाल नहीं करती।

एक घूँट में पूरी उम्र सिमट आई,
और हम चुपचाप पीते रहे।

जब सबने कहा भूल जाओ बीती बातें,
शराब ने कहा, जी भर के याद कर लो।

रात के सन्नाटे में गिलास बोला,
दिल आज बहुत भारी है।

कहीं तो ठहरना था इस दर्द को,
शराब ने थोड़ी देर रोक लिया।

दर्द कम नहीं हुआ, बस बँट गया,
शराब ने साथ बैठकर सह लिया।

आदत नहीं थी हमें यूँ बिखरने की,
पर हालात हमें जाम तक ले आए।

Ishq Aur Sharab Shayari​

एक बेवफ़ा की याद में जाम उठा लिया,
फिर उसी जाम को ब्रेड पे लगा लिया।
कहते हैं सारे आशिक़ शराबी नहीं होते,
कुछ भूखे भी होते हैं, ये भी समझा लिया।

कभी यारों की महफ़िल में बैठकर पीते थे,
कभी यारों के लिए जीया करते थे।
ज़िंदगी ने की बेवफ़ाई वरना,
हम भी ज़िंदगी से मोहब्बत किया करते थे।

आज पी लेने दे, जी लेने दे मुझे साक़ी,
कल की रात कहाँ कटेगी कौन जाने।

नशा मोहब्बत का हो या फिर शराब का,
होश दोनों ही हालात में खो जाते हैं।
बस फर्क इतना सा रह जाता है यहाँ,
शराब सुला देती है, मोहब्बत रुला जाती है।

तोहफ़े में गुलाब मत लाना कभी,
क़ब्र पर भी चिराग मत जलाना।
बहुत प्यासे हैं हम बरसों से दोस्त,
आना तो शराब की बोतल और दो गिलास लाना।

हर बात का जवाब ज़रूरी नहीं होता,
हर इश्क़ बदनाम ही नहीं होता।
यूँ तो झूमते हैं नशे में पीने वाले,
पर हर नशे का नाम शराब नहीं होता।

जाम पे जाम पीने से क्या हासिल होगा,
रात ढली तो ये खुमार उतर जाएगा।
किसी की आँखों से अगर पी ली क़सम से,
तो उम्र भर का नशा बन जाएगा।

हम लाख अच्छे हों फिर भी बुरे कहे जाते हैं,
और बिगड़े हुए लोग नवाब कहलाते हैं।
इतने बदनाम हो चुके हैं इस शहर में,
पानी भी पिएँ तो लोग शराब बताते हैं।

Conclusion

Sharab Shayari​ gives words to emotions that stay hidden in the heart. Through Sharab Shayari​, pain, love, and loneliness feel more real and relatable. This collection of Sharab Shayari​ is perfect for anyone who finds comfort in deep and meaningful poetry.

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